सेक्सी मम्मा से वासना भरा प्यार-3

सेक्सी कॉलेज गर्ल Sex कहानी में पढ़ें कि कैसे मैं कल्पना में अपनी मम्मी के कॉलेज के दिनों में गया और कमसिन मम्मी को पटा कर उनकी कुंवारी बुर फाड़ी.

दोस्तो, मैं अंकित अपनी सेक्स कहानी का अगला भाग लिख रहा हूं.

कहानी के पिछले भाग
मम्मी को उनका देवर बन कर चोदा
में आपने पढ़ा कि कैसे मैंने अपनी मम्मा से शादी की, फिर अपनी फंतासी के लिए एक काल्पनिक टाइम ट्रैवल मशीन के जरिए उन्हें चोदने गया और मैंने अपनी मम्मा को 8 सालों तक जमकर चोदा.

अब आगे Sexy College Girl Sex Kahani:

अपनी कल्पना वाली इस मशीन से वापिस आने के बाद मैंने अपनी मम्मा सौम्या को अच्छे से चोदा, लेकिन मेरी मम्मा को न जाने क्यों खुशी नहीं हुई.

मैंने कारण पूछा तो उन्होंने कहा- मुझे अपनी नसबंदी करा लेने की भूल का बड़ा पछतावा है. अगर मैं अपनी नसबंदी नहीं करवाती तो आज मैं तुम्हारे बच्चे की मां बन जाती और हमारे प्यार को एक निशानी दे देती.

मम्मा की बात सुनकर मुझे एक आइडिया आया कि क्यों ना मैं अपनी इमेजनरी मशीन में पूर्व में जाकर अपनी मम्मा सौम्या को नसबंदी कराने से रोक लूं.

मैंने मम्मा से पूछा- जान, आपने नसबंदी कब कराई थी?
अपनी मम्मा सौम्या ने बोला- तेरे जन्म के कुछ महीने बाद ही करा ली थी. वो तेरा बाप था ना … उसी को चुल्ल थी कि और बच्चे नहीं करने हैं.

मैं- अरे कोई बात नहीं जानू … मेरे पास इस समस्या का इलाज है.
मम्मा- कैसा इलाज?

मैं- मैं अपनी मशीन के माध्यम से पास्ट में जाकर अपनी डार्लिंग को नसबंदी कराने से रोक लूंगा.
सौम्या डार्लिंग- ये आइडिया सही है.

मैं- हां … तो बताओ सौम्या डार्लिंग … तुम्हें कुछ याद है कि तुमने नसबंदी कब करवाई थी?
सौम्या डार्लिंग- ये ठीक ठीक तो याद नहीं है, लेकिन तू अपने जन्म के एक महीने पहले के टाइम पर चले जाना और मुझे नसबंदी से रोक लेना.

मैंने बोला- ठीक है जान.
मैंने सौम्या डार्लिंग को जोरदार किस किया और अपनी सोच में वापस चला गया.

अपनी कल्पना में जाकर मैं अपनी टाइम मशीन में डेट की कोडिंग करने लगा.

पहले मैं सौम्या डार्लिंग के बताए अनुसार ही मेरे जन्म के एक महीने बाद की डेट पर जाना चाहता था, लेकिन अब मेरे दिमाग में एक दूसरा आइडिया आ गया.

मैंने सौम्या डार्लिंग की शादी से एक साल पहले की डेट फिक्स की, क्योंकि मेरे कमीने दिमाग में आया कि जब मम्मा को चोदना ही है, तो क्यों ना उनको तब चोदा जाए … जब वो वर्जिन और बिल्कुल अनटच माल थीं.

मैंने डेट सैट की और 1995 में पहुंच गया. इस बार मेरे पास रुपए भी थे इसीलिए मैंने सबसे पहले शॉपिंग की.

अब मुझे दिल्ली से ट्रैवल करके यूपी के छोटे से गांव पुरैनी आना पड़ा.

पुरैनी आकर मैं सौम्या यानि मेरी मम्मा के घर में ही पहुंच गया. मैंने दरवाज़ा खटखटाया.

दरवाजा खुला तो सामने मेरी खूबसूरत मम्मा यानि मेरी अभी की जान सौम्या खड़ी थीं.

वो ऐसी मदमस्त लौंडिया लग रही थी, जैसे यौवन की दहलीज पर खड़ी कोई राजकुमारी अपने राजकुमार का इंतज़ार कर रही हो.

सौम्या डार्लिंग ने नीले रंग की साड़ी पहनी थी और वो इतनी हॉट लग रही थी कि मन कर रहा था कि उसे बिना कुछ कहे, सबके सामने सीधे चोद दूं. लेकिन मैंने खुद को कंट्रोल किया.

सौम्या ने पूछा- कौन हो और क्या चाहिए?
मैं मन में बोला- मैं तेरा आशिक हूं जान … और मुझे तेरी जवानी का रस चाहिए.

सौम्या ने फिर से पूछा- बोलो न!
मैंने कहा- मैं दिल्ली से आया हूँ. आपका दूर का रिश्तेदार हूं और मैं यहां कुछ दिन रहने आया हूं.

मेरी सौम्या डार्लिंग ने कहा कि दिल्ली में तो हमारे रिलेशन में कोई नहीं रहता.
मैंने बोला- अन्दर जाकर किसी और से भी दिल्ली के रिश्तेदारों के बारे में पूछ लो.

सौम्या अन्दर गई और पूछ कर आई.
मुझे उसके दिल्ली वाले रिश्तेदारों का पता था … तो मुझे घर में एंट्री मिल गई.
मुझे एक अलग कमरा दे दिया.

घर में सौम्या, मेरे नानाजी और नानी जी रहते थे.

मुझे एक अलग कमरा दे दिया.
मेरा कमरा सौम्या के कमरे से थोड़ा दूर था.

गर्मी के मौसम में नानाजी और नानी जी छत पर सोते थे.

पहली रात मैंने धीरे धीरे पूरे घर का मुआयना किया.
मैंने छत पर जाकर देखा कि नाना जी और नानी जी कब तक जागते हैं और सौम्या के कमरे में झांक भी देखता रहा कि सौम्या डार्लिंग किस टाइम नींद में होती है.

एक सुबह मुझे उठाने के लिए नानी जी आईं.
वैसे वो बुढ़िया उस टाइम ठीक ठाक ही दिखती थी लेकिन मुझे तो सौम्या डार्लिंग को चोदना था.

मैं उठ गया, फ्रेश हुआ और सौम्या डार्लिंग की दिनचर्या देखने लगा.

मैंने नोटिस किया कि सौम्या डार्लिंग को सुबह 10 बजे कॉलेज जाना होता था.
वैसे सौम्या डार्लिंग अभी तक नहाई नहीं थी.

घर में बाथरूम ऐसा था कि छत से कोई भी किसी को भी नहाते हुए देख ले.

मैंने सौम्या को नहाते हुए देखने के लिए दो-तीन जुगाड़ बैठा लिए थे.

एक तो दरवाजे में ऐसी जगह छेद कर दिया, जहां अन्दर से छेद दिखाई न दे, लेकिन उस छेद में से सब देखा जा सके. फिर छत तो थी ही, बस उस पर थोड़ा छुप कर बैठना होता था.

अब सौम्या डार्लिंग नहाने गई, तो मैं छत से सौम्या को नहाते हुए देखने लगा. वाह क्या नजारा था वो.

सौम्या को 19 साल की कच्ची उम्र में बिना कपड़ों के, वो भी भीगे बदन को देखने में मज़ा ही आ गया.
उसका इकहरा शरीर, थोड़ी छोटी छोटी लेकिन एकदम कसी हुई चूचियां, काले बालों से भरी कुंवारी चूत!

मैंने तो छत पर ही सौम्या डार्लिंग के नाम की मुठ मार दी.
उस नजारे को मैं तब तक पूरा देखता रहा, जब तक उन्होंने तौलिया नहीं उठा लिया.

अब मैं वहां से सरक कर कुछ दूर आ गया और सीधा नीचे आ गया.

सौम्या डार्लिंग को इस रूप में देख कर तो रुकने को मन ही नहीं कर रहा था, सीधा चोदने को मन कर रहा था.

जब सौम्या डार्लिंग कॉलेज जाने लगी तो मैं भी नाना और नानी से घूमने का बहाना करके सौम्या डार्लिंग के पीछे पीछे चला गया.

मुझे ये तो पता ही था सौम्या मुझे पसंद तो कर लेगी, मगर तब भी मुझे जल्दी से जल्दी उसके नोटिस में आना था.

मैं सौम्या डार्लिंग के पीछे पीछे चलने लगा.
सौम्या का पीछा करने वाले तो बहुत थे लेकिन मुझे सबसे पहले उसे पटाना था.

सौम्या डार्लिंग की 4 सहेलियां और आ गईं.
वो पांचों बस स्टैंड पर बस का इंतजार करने लगीं.

बाकी सबके साथ मैं भी लग गया लाइन मारने में.

वैसे सौम्या डार्लिंग की बाकी सहेलियां भी कम माल नहीं थीं. मन तो कर रहा था कि पांचों को पटा कर चोद दूं … लेकिन मुझे फिलहाल सौम्या पर फोकस करना था.

सौम्या डार्लिंग बार बार मुझे देख रही थी.

कुछ देर बाद मैं उनसे खुद ही बातें करने के लिए चला गया.
सब मुझे ऐसे देख रहे थे जैसे मुझे मार डालेंगे … क्योंकि उस टाइम किसी लड़की से बात करने की हिम्मत किसी लड़के में नहीं होती थी.

मैंने सौम्या से बात करनी शुरू कर दी और उसकी बाकी सभी सहेलियों से भी.

सौम्या और उसकी सभी सहेलियां कुछ ही देर में इंप्रेस हो गईं.
तभी बस आ गयी तो मैं बस में भी उनके साथ बातें करता रहा.

मुझे सौम्या डार्लिंग को चोदने के लिए पटाना था और वो भी जल्दी से जल्दी.

शाम को मैं फिर सौम्या डार्लिंग के कॉलेज छूटते ही उनसे मिल गया.

सबको पता चल गया कि मैं सौम्या को पटाने की कोशिश में हूं.

वैसे तो सौम्या डार्लिंग पहले दिन ही इंप्रेस तो हो गई थी लेकिन अभी इतनी भी नहीं पटी थी कि वो मुझसे चुदवा ले.

मुझे सौम्या डार्लिंग की सभी कमजोरियां पता थीं, जिसकी वजह से मैं सौम्या को जल्दी से जल्दी पटा सकता था.

अब रात को मैं सौम्या डार्लिंग के कमरे के बाहर गया और सौम्या को भूत बनकर डराने लगा.

सौम्या ने डर कर, चिल्लाकर नाना नानी को बुला लिया … लेकिन कोई भूत होता तो दिखता ना!

मैंने भी बोल दिया कि मैंने तो कोई भूत नहीं देखा.
नानी जी ने भी सौम्या से बोला- हमें दोबारा मत उठाना, यहां कोई भूत-वूत नहीं है.

सब सो गए.
अगले दिन भी वही हुआ.

लेकिन रात को वो हुआ जिसका मुझे अनुमान था.
सौम्या डार्लिंग ने मुझे अपने कमरे में सोने को बुला लिया.

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मेरा तो जैकपॉट लग गया था. उस रात तो मैं कुछ नहीं कर सकता था … लेकिन दो दिन के अन्दर मैंने सौम्या डार्लिंग को इतना इंप्रेस कर लिया कि वो मेरी तरफ सेक्सुअली अट्रैक्ट हो गई थी.

अब सौम्या डार्लिंग ने मुझे बहुत सारे सिग्नल्स देने शुरू कर दिए थे.
सौम्या मुझसे बातें करती हुई झुक कर बार बार अपनी चूचियों के दर्शन कराती रहती थी और रात को मेरे साथ सोते हुए अपने गुदाज अंगों जैसे कि चूचियां, गांड अपनी चूत को भी मेरे अंगों पर रगड़ने लगी थी.

अब बस मुझे सौम्या को चोदना बाकी रह गया था तो मैंने वो मौका भी मार दिया.

अगली रात मैंने सौम्या की सलवार का नाड़ा खोल दिया और धीरे धीरे उसकी सलवार को नीचे खिसका दिया.

मैं थोड़ी देर सोने का नाटक करने लगा ताकि मुझे सौम्या की फीलिंग्स का पता चल सके.
सौम्या डार्लिंग ने कुछ नहीं किया.

सलवार वैसी ही खुली पाकर मेरी हिम्मत बढ़ गई और मैंने अपना मोटा लंड निकाल कर अपनी डार्लिंग की चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया.
सौम्या को मजा आने लगा तो मैंने अपने हाथों से उसकी टाईट चूचियों को मसलना भी शुरू कर दिया.

जैसा कि मुझे अंदाजा था, थोड़ी ही देर में सौम्या डार्लिंग मेरा पूरा साथ देने लगी थी.

हम दोनों ने अपने अपने कपड़े उतार दिए.

सौम्या ने मुझसे पूछा- तुम मुझसे शादी तो करोगे ना … क्योंकि मैं तुमसे प्यार करने लगी हूं और तुमसे शादी भी करना चाहती हूं.
मैंने तब टालने के लिए बोल दिया- हां हां जानू … मैं तुमसे जरूर शादी करूंगा.

वैसे भी मैं उनसे शादी तो करने ही वाला था लेकिन भविष्य में बात तो ये थी कि मैं सौम्या की चूत से निकलने वाला था.

फिलहाल तो मुझे सौम्या की कुंवारी चूत की सील तोड़नी थी.

मैंने सौम्या डार्लिंग को घोड़ी के पोज में किया और सौम्या रूपी घोड़ी की चूचियां, लगाम समझ का पकड़ लीं और एक ऐड़ लगा दी.
सौम्या की कराह भरी मीठी आह निकली और मैं अपनी घोड़ी की सवारी करने लगा.

चुत चुदाई का मजा आना शुरू हो गया.
सौम्या डार्लिंग की कुंवारी चूत पर मेरा लंड अभी भी सिर्फ रगड़ ही खा रहा था क्योंकि सौम्या की चूत बहुत टाइट थी.

मैंने बड़ी मुश्किल से धीरे धीरे करके सौम्या की चूत में अपना लंड का सुपारा घुसाया.

मैं सौम्या डार्लिंग की कुंवारी चूत चोदने के लिए बहुत जोश में था इसीलिए मैंने सौम्या की चूत में लंड बहुत ही तेज़ से और बहुत फोर्स के साथ दबा दिया.
इससे मेरा आधे से ज्यादा लंड सौम्या की कुंवारी चूत में चला गया.

सौम्या की चीख निकल गई और उसकी चूत बहुत गीली हो गई.
चीख सुनकर नाना और नानी जग गए लेकिन उन्होंने सोचा कि रोज की तरह सौम्या भूत बूत के नाम पर डर गई होगी इसीलिए उन्होंने ऊपर से पूछा.

सौम्या ने भूत का बहाना कर दिया.
मैंने भी आवाज लगाकर कह दिया- कुछ नहीं है. सब ठीक है.

उनकी तरफ से बेफिक्र होने के बाद मैंने लाइट जला कर देखी तो सौम्या डार्लिंग की चूत खून से लाल हुई पड़ी थी.

ये देख कर सौम्या डर गई लेकिन मेरे समझाने पर उसे समझ आ गया कि ये उसकी सील टूटने से हुआ है.

उसके बाद सौम्या का थोड़ा मन खराब हो गया था. सौम्या अब चुदना नहीं चाहती थी.
लेकिन मैंने सौम्या के होंठ अपने होंठों के अन्दर दबा लिए और सौम्या की चूचियों को दबाने लगा.

सौम्या पहले तो ना नुकुर करती रही लेकिन बाद में वो भी मेरे होंठों का रस चूसने लगी.

सौम्या और मैं धीरे धीरे उत्तेजित हो गए.

बस फिर क्या था, मैंने सौम्या को अपनी गोद में उठाया और चोदना शुरू कर दिया.

शुरू में सौम्या को चूत में दर्द और जलन फील हो रही थी लेकिन लगभग 5 मिनट बाद उसकी चूत पूरी तरह से गर्म हो गई थी.
सौम्या की चूत ने मेरे लंड को पूरी तरह से जकड़ लिया जिससे उसको और मुझे बड़ा मज़ा आने लगा.

लगभग 20 मिनट बाद मैंने सौम्या को गोद से नीचे उतारा और सौम्या को बेड पर पीठ के बल लिटा दिया.
फिर मैं अपनी सौम्या डार्लिंग के ऊपर चढ़ गया.

मैं सौम्या को लिप किस करने लगा, सौम्या भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.

धीरे धीरे मैं पूरा सौम्या के ऊपर छा गया.
अब सौम्या की चिकनी जांघों को पकड़कर मैंने उसकी टांगों को एक विशेष एंगल पर सैट किया और धीरे धीरे उसकी गर्म और गीली चूत में अपना लंड डालना शुरू कर दिया.

हम दोनों की सांसें चढ़ने लगी थीं.
मैं सौम्या को कभी चेहरे पर, कभी गर्दन पर, कभी गालों पर, कभी चूचियों पर किस करते करते धीरे धीरे झटकों से सौम्या के अन्दर अपना लंड पेलता रहा.

कुछ देर और धीरे धीरे चुदने के बाद सौम्या डार्लिंग ने मुझसे बोला कि क्या तुम अपने हथियार को मेरी जड़ तक डाल सकते हो?

मैंने हामी भर दी और अपनी स्पीड बढ़ा दी.
मादक सिसकारियों के साथ हमारी सांसों की आवाज पूरे कमरे गूंजने लगी.

सौम्या डार्लिंग को तेज़ झटकों से चुदने में मजा आने लगा था.
मुझे भी पूरा मज़ा आ रहा था.

लगभग आधा घंटा पूरा मज़ा लेने के बाद मैं झड़ने को हो गया.
मैंने सौम्या से पूछा तो सौम्या ने मुझे अपने अन्दर झड़ने को बोल दिया.
मैंने कहा- अगर बच्चा हो गया तो?
सौम्या बोली- वही तो मैं चाहती हूं. मैं तुम्हारे बच्चे की मां बनना चाहती हूँ.

मैंने कहा- नहीं यार, शादी से पहले बच्चा नहीं करना चाहिए.
सौम्या डार्लिंग ने कुछ सोच कर कहा- अच्छा ठीक है, तुम अपना रस मेरे मम्मों पर गिरा दो … अपनी मलाई से मुझे नहला दो.

मैंने लंड सौम्या की चूत से निकाल कर उसकी चूचियों पर हिलाना शुरू कर दिया और एक दो पल बाद अपनी पूरी मलाई गिरा दी.

मेरी सौम्या डार्लिंग अभी झड़ी नहीं थी तो मैंने सौम्या की चूत में अपनी दो उंगलियां डाल कर कुछ देर हिलाईं.
तो सौम्या भी झड़ गई.

हम दोनों ने कपड़े पहने और सो गए.

फिर एक हफ़्ते तक मैंने सौम्या को अच्छे से चोदा.
उसके बाद मुझे वहां से जाना पड़ा लेकिन हम दोनों बहुत दिनों तक कॉलेज के नाम पर मिलकर चुदाई कर रहे थे.

फिर सौम्या डार्लिंग की शादी मेरे पापा से फिक्स हो गई. सौम्या ने मुझसे मेरे साथ भाग कर शादी की बात की तो मुझे सौम्या को बताना पड़ा कि मैं उसी की चूत की पैदाइश हूं. अब अगर सौम्या शादी नहीं करेगी तो मैं पैदा कहां से होऊंगा.

ये सब मैं सौम्या को बड़ी मुश्किल से समझा पाया.
तब भी मैंने सौम्या से वादा किया कि मैं उससे शादी के बाद भी मिलता रहूंगा और उसकी चुदाई किया करूंगा.

सौम्या मान गई.

अब दोस्तो, अगले भाग में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने सौम्या की शादी में जाकर सौम्या को उसकी सुहागरात में भी मेरे बाप से पहले चोदा और कैसे सौम्या को नसबंदी करने से बचाया.

आप मुझे मेल करना न भूलें कि आपको मेरी फंतासी से भरी ये सेक्सी कॉलेज गर्ल Sex कहानी कैसी लगी.
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सेक्सी कॉलेज गर्ल Sex कहानी का अगला भाग: किंकी सेक्स फंतासी स्टोरी

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