सेक्सी मम्मा से वासना भरा प्यार-2

XxX इंडियन भाभी सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि कैसे मैंने काल्पनिक टाइम मशीन में भूतकाल में जाकर अपनी मम्मी को उनका देवर बनकर चोद दिया.

हैलो फ्रेंड्स, मैं अंकित, मैंने अपनी सेक्स कहानी के पिछले भाग
विधवा मम्मी के प्रति सेक्स भरी फीलिंग
में बताया था कि कैसे मैंने एक ट्रेनिंग टूर पर अपनी मम्मा सौम्या से शादी कर ली और उसकी 7 दिनों तक रोज जमकर चुदाई की.

अब आगे XxxX Indian Bhabhi Chudai Story:

ट्रेनिंग खत्म होने के बाद जब हम दोनों घर वापिस आए, तो हमें बाहर तो मम्मा बेटे जैसा ही रहना पड़ता लेकिन घर में हम दोनों पति पत्नी की तरह चुत चुदाई का खेल खेलते रहते.

मम्मा अक्सर चुदने के बाद मुझसे कहतीं- काश तू और तेरा ये लंड दोनों जल्दी ही बड़े हो गए होते, तो मुझे लंड के लिए ज्यादा दिन तरसना नहीं पड़ता.

ये सब सोच कर मेरे दिमाग में एक आइडिया आया और मैंने सोचा कि अगर मैं टाइम ट्रैवल कर सकूं और पास्ट में जाकर अपनी मम्मा सौम्या को अच्छे से चोद सकूं, तो मम्मा की ये शिकायत दूर हो जाएगी … और मुझे जवान सौम्या को 6-7 साल ज्यादा चोदने का मौका मिल जाएगा.

बस मैं इस सपने के काम पर लग गया. रोज रात को सौम्या को मन भरकर चोदता और दिन में टाइम मशीन में जाने की कोशिश करता रहा.

एक साल बीता, मेरा इंटर हो गया. मैंने बीएससी में एडमिशन ले लिया और अपनी मम्मा सौम्या के साथ मज़े भी लेता रहा.
मम्मा को चोदने के समय भी अपनी फंतासी, टाइम मशीन में जाने की कोशिश करता रहता.

आखिरकार मेरी फंतासी पूरी होने वाली टाइम मशीन मेरे दिमाग में बन गई.
अब मुझे बस उस टाइम मशीन को चला कर सौम्या के पास पास्ट में उसको चोदने जाना था.

मैं आप सबको बता दूँ कि टाइम मशीन में क्वांटम वर्ड में टाइम बहुत अलग चलता है.
मेरी कल्पना के अनुसार मेरे पूर्व के 8 मिनट, वर्तमान के 8 साल के बराबर होने वाले थे.

मैंने अपनी मन माफिक बनाई गई मशीन में सीधे 2005 का टाइम सैट कर दिया.
उस वक्त मेरी मम्मा सौम्या को विधवा हुए एक साल बीत चुका था.

अब मैंने अपने दिमाग में टाइम मशीन चलाई और उसके जरिए मैं 2005 में पहुंच गया.

मैंने टाइम मशीन को सुरक्षित जगह रखा और अपने घर आ गया. जहां मैं और मेरी खूबसूरत मम्मा या फिर कहना चाहिए खूबसूरत होने वाली पत्नी रहती थी.
क्योंकि मैं पास्ट में था इसीलिए अभी तक वो मेरी मम्मा ही थीं.

मैं घर पहुंचा तो मम्मा घर पर नहीं थीं वो बैंक से अभी आयी नहीं थीं.
घर पर सिर्फ मैं ही था.
मतलब मैं पास्ट वाला भी था और अभी का भी.

मैंने पास्ट वाले अंकित से पूछा- तुम्हारी मम्मा कहां है?
पास्ट वाला अंकित थोड़ा तुनककर बोला- तुझे क्या काम है?

मैं समझ सकता था क्योंकि मुझे अपनी मम्मा सौम्या से शुरू से ही इतना प्यार था कि मैं मेरी मम्मा के लिए बहुत ही ज्यादा पजेसिव था.

मम्मा के साथ रात को लिपट कर सोना, मम्मा को बार बार बिना बात भी किस करते रहना, ये सभी उस प्यार की निशानी थीं.

अब मैं वर्तमान वाला अंकित, जो जवान था … अपनी डार्लिंग सौम्या को प्यार करने पहुंच गया था.

मैंने पास्ट वाले अंकित से कहा- मैं उसका देवर हूं और वहां कुछ दिन रहने आया हूं.
पास्ट वाले अंकित ने ना चाहते हुए भी मुझे घर में रोक लिया.

अब मैं खुद को तो अच्छी तरह से जानता ही था कि मुझे क्या पसंद है और क्या नहीं, तो मैंने खुद से ही दोस्ती शुरू कर दी.

सौम्या डार्लिंग के घर लौटने तक तो मेरी खुद से दोस्ती हो भी गई थी.

मेरी सौम्या डार्लिंग जब घर आयी, तो पास्ट वाले अंकित ने रोज की तरह ही आते ही अपनी मम्मा सौम्या को किस किया और उसको प्यार से हग किया.

ये देख कर मुझे भी सौम्या डार्लिंग को किस करने और प्यार करने का मन करने लगा.

सौम्या डार्लिंग की नजर मुझ पर पड़ी तो उसने प्रश्न भरी निगाहों से मुझे देखा.
इससे पहले सौम्या डार्लिंग मुझसे कुछ पूछती कि अंकित ने अपनी मम्मा को मेरे बारे में बता दिया.

उसने कहा कि ये मेरे चाचू हैं.

सौम्या ने अविश्वास के साथ मेरी तरफ देखकर कहा- मुझे तो उनके किसी भाई के बारे में पता नहीं है.

मैंने थोड़ा आगे आकर कहा- भाभी जी, वो मैं बचपन से ही घर से लड़कर चला गया था. इतने सालों बाद घर लौटा तो भाई के बारे में पता चला. इसीलिए मैं मिलने चला आया.

मेरी बात सुनकर सौम्या डार्लिंग की आंखें नम हो गईं.

मेरी भाभी बनी सौम्या ऐक्सिडेंट के बारे में बताने लगी और बताते हुए ही रो पड़ी.

सौम्या को रोता देख कर मेरा दिल पिघल गया.
मैंने उसके आंसू पौंछे और अपने गले से लगा लिया.

सौम्या डार्लिंग थोड़ा झिझक रही थी … तो मुझे ना चाहते हुए भी उससे अलग होना पड़ा. नहीं तो इतनी खूबसूरत और इतनी यंग सौम्या को देख कर मेरा तो लंड पूरी तरह से उत्तेजित हो गया था और पैंट फाड़ कर निकल आने को बेताब हो रहा था.

शायद सौम्या डार्लिंग ने मेरी फूली हुई पैंट को देख लिया था और मेरी उत्तेजना को नोटिस भी कर लिया था.
फिर भी सौम्या डार्लिंग ने लंड को इग्नोर कर दिया.

अब रात को मुझे दूसरे कमरे में सोना पड़ा, रात को मैं यही प्लान बनाता रहा कि अपनी सौम्या डार्लिंग को पटाऊंगा कैसे … उसे चुदने के लिए राजी कैसे करूंगा. रात को सौम्या डार्लिंग के बारे में सोचते सोचते पता नहीं कब मुझे नींद आ गई.

मैं सुबह उठा तो देखा कि सामने सौम्या कॉफी का ग्लास लिए खड़ी थी.

सौम्या नहा चुकी थी और इतनी खूबसूरत लग रही थी कि जैसे आसमान से हुस्न की परी उतर आयी हो. सौम्या के थोड़े गीले बाल, उनसे उड़ती शैंपू की खुशबू और उसके वक्ष स्थल यानि स्तनों के आस पास भीगे हुए कपड़े का हिस्सा … और ऊपर से वो खुद इतनी स्लिम-ट्रिम कि मेरा लिंग तुरन्त उत्तेजित हो गया.

मेरा लंड फिर से पैंट फाड़ कर बाहर आने को बेताब हो गया.

सौम्या फूलता लंड देख कर हंस दी और बोली- देवर जी, ये कॉफी पी लो और खुद भी खड़े हो जाओ.
इसके साथ साथ सौम्या ने मेरी पैंट की तरफ हल्का सा इशारा करके कहा.

तो मैं गनगना गया.

सौम्या डार्लिंग के रूम में से जाने के बाद मैंने पैंट में तने हुए लंड को सही किया और कॉफी पीकर बाहर आ गया.

सौम्या डार्लिंग ने बोला- अंकित स्कूल चला गया है और मुझे भी 9:30 बजे तक निकलना है. आलरेडी 8:30 बज गए हैं. तुम जल्दी से फ्रेश हो जाओ, मैं तुम्हारे लिए ब्रेकफास्ट बना देती हूं.

मैं बाथरूम में घुस गया.
लगभग आधा घंटा बाद जब मैं बाथरूम से अपने शरीर पर सिर्फ टॉवेल लपेट कर निकला तो सौम्या मेरे बलिष्ठ शरीर को देखती ही रह गई.

मेरी सौम्या डार्लिंग कुछ देर के लिए कहीं बिल्कुल खो सी गई थी.
यह मेरे लिए अच्छा शगुन था.

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मैं सौम्या डार्लिंग के करीब आ गया. सौम्या डार्लिंग की सांसें तेज़ चल रही थीं.

इस वक्त यदि मैं सौम्या डार्लिंग को मैं पकड़ कर किस भी कर देता तो भी सौम्या विरोध नहीं करती.

लेकिन मैंने सौम्या से कहा- मम्मा … सॉरी भाभी जी … व..वो मेरे पास तो पहनने के लिए कपड़े है ही नहीं. मेरा बैग रास्ते में चोरी हो गया था इसीलिए मैं तौलिया में ही …

सौम्या को अब होश में आया.
उसने मुझसे कहा- क…कोई बात नहीं देवर जी … मेरे पति के कपड़े रखे हैं. आप ट्राई कर लो.

सौम्या ने पापा के ड्रावर में से एक जोड़ी कपड़े निकाल दिए और बोली- ट्राई कर लो, अगर नहीं आएंगे तो दूसरे ट्राई कर लेना. नहीं तो मैं तुम्हें नए दिला दूंगी.
मैंने बोला- ठीक है.

मैंने कपड़े पहने तो पूरी तरह से फिट आए.
वैसे भी मैं पापा जैसा ही दिखता था तो कोई दिक्कत नहीं हुई.

लेकिन सौम्या मुझे उन कपड़ों में देख कर फिर रुआंसी सी हो गई.

मैंने सौम्या को खुश करने के लिए उससे बातें करनी शुरू कर दीं, सौम्या को हंसाना शुरू कर दिया.
मुझे पता था कि सौम्या डार्लिंग को कैसे इंप्रेस करना है.

सौम्या मेरी बातों में पहले तो इंटरेस्ट लेने में झिझक रही थी लेकिन बाद में वो मेरे साथ ऐसे खुल गई कि हम दोनों में से किसी को भी पता ही नहीं रहा कि 10:30 कब बज गए.

जब सौम्या को याद आया तो वो निकलने लगी.
लेकिन मैंने सोचा कि इस दिन को पहला मौका क्यों ना बना लूं.

मैंने सौम्या डार्लिंग से रुकने को रिक्वेस्ट की और कहा- मैं घर पर अकेले बोर होता रहूंगा. एक दिन तो रुक जाओ भाभी जी.

सौम्या डार्लिंग पहले तो जाने के लिए करती रही, फिर रुकने को मान गई.
उसने बैंक में फोन करके अपने बीमार होने की बात कहकर छुट्टी ले ली.

अब घर पर पूरे दिन मैं और सौम्या ही थे. अंकित यानि पास्ट वाला तो शाम को 7 बजे से पहले घर नहीं आने वाला था.

मैंने सौम्या डार्लिंग को इंप्रेस करना जारी रखा. सौम्या की खूबसूरती की तारीफ करता रहा. सौम्या को भी अपनी तारीफें सुनने में मज़ा आ रहा था.

सौम्या डार्लिंग ने मुझसे पूछा- तुम अब तक कहां थे और घर पर किसी ने भी तुम्हारे बारे में क्यों नहीं बताया?

मैं झूठ बोलकर कोई कहानी बता सकता था लेकिन मैंने सौम्या से सच बोल दिया और उसे सारी बातें सच सच बता दीं.

सौम्या को पहले तो विश्वास नहीं हुआ.
मैंने उसको सौम्या के ही कुछ सीक्रेट बताए, जैसे कि सौम्या की चूत पर सौम्या कई बार नई नई पेटिंग्स बनाती है … और सौम्या को लौड़े पर बहुत सारी आइसक्रीम लगा कर चाटना बहुत पसंद है. सौम्या अपनी गांड मरवाना भी बहुत पसंद करती है और सौम्या को उसकी रेगुलर चुदाई नहीं होने की वजह से गुस्सा भी बहुत आता है. सौम्या की चूत पर पूरे 5 तिल भी हैं.

अब मेरी सौम्या डार्लिंग को मेरी बातों पर विश्वास करना ही पड़ा.

सौम्या डार्लिंग ने मुझसे कहा- जब तुम मुझे चोदने ही आए हो … तो हम दोनों टाइम वेस्ट क्यों करें!

मैं सौम्या की बात सुनकर मुस्करा दिया और देखते देखते हम दोनों एक दूसरे के बहुत करीब आ गए. हमारे होंठ एक दूसरे के होंठों से चिपक गए. हम एक दूसरे के होंठों का रस चूसने लगे.

मुझे सौम्या डार्लिंग में आज कुछ ज्यादा ही मज़ा आ रहा था.
आज तो सौम्या कुछ ज्यादा ही मस्त लग रही थी; ज्यादा ही यंग लग रही थी.

मैं दोगुनी उत्तेजना के साथ सौम्या डार्लिंग के होंठ चूसने लगा.
सौम्या भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.

मेरे हाथ सौम्या डार्लिंग की चूचियां मसलने लगे थे.
सौम्या को बड़ा मज़ा आने लगा.

हम दोनों जैसे जन्नत की सैर पर निकले थे. कोई 10 मिनट हम दोनों एक दूसरे को किस करते रहे.
उस किस के बीच में हमारे कपड़े कब हमसे अलग हो गए, पता ही नहीं चला.

अब मेरी नंगी जवान मम्मा को देख कर मुझको और भी ज्यादा उत्तेजना चढ़ गई थी.
मैंने सौम्या डार्लिंग को अपनी गोद में उठा लिया.
वो भी मेरे बलिष्ठ शरीर पर पूरी तरह से समर्पित हो गई.

मैंने गोद में ही सौम्या डार्लिंग की चूत के छेद पर लंड रगड़ना शुरू कर दिया.
सौम्या मेरे लंड की रगड़ से बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हो रही थी. उसके मुँह से मादक सिसकारियां निकलने लगीं.

लेकिन मैं अभी भी उसकी चूत पर ही लंड रगड़ता रहा, पेला नहीं.

जब सौम्या डार्लिंग से रहा नहीं गया तो उसने कहा- अब और मत तड़पाओ राजा … चोद दो अपनी इस खूबसूरत जानू को.

सौम्या डार्लिंग मुझसे चुदने की भीख मांगने लगी तो मैंने उसकी चूत के द्वार पर अपने लंड का सुपाड़ा रखा और झटके से आधा लंड सौम्या की चूत के अन्दर डाल दिया.

सौम्या की हल्की सी चीख निकल गई और वो थरथराने लगी.
मुझे इससे तो और ज्यादा उत्तेजना हो गई.
मैंने स्पीड बढ़ा कर उसकी चूत की ठुकाई शुरू कर दी.

सौम्या डार्लिंग की मादक सिसकारियों से पूरा घर भर गया था … वो मुझे और अच्छे से चोदने को बोल रही थी- आंह चोद दे मेरे राजा … आज पूरी तरह से अन्दर तक लंड डाल दे … आंह चुत की जड़ तक पेल दो … आंह मेरी बच्चेदानी तक लंड पहुंचा दे.

मैंने अपना पूरा लंड उसकी चूत में दबा दिया.
सौम्या डार्लिंग की चूत ने मेरे लंड को मानो जज्ब कर लिया था. हर झटके के साथ लगभग 3 हिस्सा मेरे लंड का उसकी चूत में जाता और बाहर आता.

हम दोनों स्वर्ग की सैर पर थे. हम दोनों लगभग आधा घंटा तक उसी स्वर्ग में सैर करते रहे.
फिर हम दोनों की इस मस्त यात्रा की मंजिल आने वाली थी.

मैंने सौम्या डार्लिंग से पूछा- मैं अपनी मलाई कहां गिराऊं?
तो उसने बोला- तुम्हें पता है मेरे राजा.

मैं सौम्या डार्लिंग का इशारा समझ गया और सौम्या को अपनी गोद से नीचे उतारकर नीचे बैठा दिया.
जैसे ही पिचकारी निकली तो सारी मलाई सौम्या के मुँह में और गालों पर जा गिरी.
जिसे सौम्या ने चाट लिया.

अब सौम्या ने मुझसे बोला कि उसको भी तो मलाई निकालनी है.
मैंने सौम्या को बेड के साइड में बैठाया और खुद नीचे बैठ कर उसकी चूत पर जीभ लगा दी.

लगभग 2 मिनट बाद ही उसकी चूत से एक फव्वारा सा निकला, जिसने मुझे पूरा भिगो दिया.
उस मलाई का कितना मजेदार स्वाद था. कुछ हिस्सा मैं पी गया.

उस पूरे दिन में हम दोनों के बीच 4 बार चुदाई हुई और उसके बाद लगभग हर रोज मैं सौम्या को चोदकर खुश करने लगा था.

सौम्या डार्लिंग का जीवन खुशियों से भर गया था. सौम्या डार्लिंग मेरे बच्चे की मां बनना चाहती थी लेकिन उसने अपने बेटे अंकित के जन्म के समय ही नसबंदी करा ली थी इसीलिए वो मेरे बच्चे की मां नहीं बन सकती थी.

इसी तरह धीरे धीरे पास्ट के 8 साल बीत गए और मुझे वर्तमान में वापिस आना पड़ा.

आने से पहले ही मैंने अपने पास्ट वाले अंकित से बता दिया था कि वो सौम्या की जमकर चुदाई करना शुरू कर दे ताकि हम सभी को मजा मिलता रहे.

मैं टाइम मशीन से वापिस 2015 में वापिस आ गया.
मुझे लगा अपनी मम्मा सौम्या मुझसे पूछेगी कि मैं कहां था इतने साल!
लेकिन सौम्या ने कुछ कहा ही नहीं.

तब मुझे याद आया कि मैं अपनी फंतासी वाली मशीन में था.
क्वांटम वर्ल्ड में तो टाइम बहुत अलग चलता है. प्रेजेंट की सौम्या के हिसाब से तो मैं सिर्फ 8 मिनट तक ही गायब था.

लेकिन अब सौम्या डार्लिंग को मेरे बारे में सब पता था और मुझे सौम्या के बारे में.

मैंने आते ही सौम्या को जमकर चोदा.

मैंने सोचा कि सौम्या बहुत खुश होगी क्योंकि उसकी पास्ट लाइफ में भी इतना मज़ा, इतनी खुशियां भर गई थीं, लेकिन सौम्या को तो मेरे बच्चे की मां ना बन पाने के गम ने जकड़ रखा था.

मैंने सौम्या डार्लिंग के पास्ट में फिर से जाने का फैसला किया.

इस बार मैं सीधा सौम्या की शादी में सौम्या को मेरे बाप से पहले खुद चोदने आ गया था.

मैंने सौम्या डार्लिंग को नसबंदी करवाने से रोकने का सोच लिया था ताकि बाद में सौम्या मेरे बच्चे की मां बन सके.
वो सेक्स कहानी का मजा अगले अंक में लिखूंगा.

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